Vastu Shastra In Hindi: हमारे पुराने बुजुर्गों ने घर में सुख, शांति और बरकत बनाए रखने के लिए कुछ ऐसे काम बताए हैं जो रोज करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। यह कोई अंधविश्वास नहीं बल्कि सदियों के अनुभव और वास्तु शास्त्र की समझ से निकली हुई वो बातें हैं जो घर को खुशहाल और समृद्ध बनाती हैं। जिस घर में यह 10 काम रोज होते हैं उस घर में लक्ष्मी का वास होता है, कलह नहीं होती और धन की कमी नहीं आती। आइए जानते हैं वो 10 जरूरी काम जो आपको रोज करने चाहिए।
1. सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
Answer: रोज शाम को घर के मुख्य दरवाजे के पास या तुलसी के पास सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार सरसों के तेल का दीपक घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और शनि देव की कृपा दिलाता है। जिस घर में रोज दीपक जलता है उस घर में अंधेरा और दुख नहीं टिकता। यह छोटा सा काम घर में बड़ी बरकत लाता है।
2. शाम के समय झाड़ू कभी ना लगाएं।
Answer: वास्तु शास्त्र के अनुसार शाम के समय यानी सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि शाम को लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं और उस वक्त झाड़ू लगाने से बरकत बाहर चली जाती है। झाड़ू हमेशा सुबह लगाएं और शाम को सिर्फ पोंछा लगा सकते हैं। यह छोटी सी आदत घर की समृद्धि बनाए रखती है।
3. कपूर को जलाएं।
Answer: रोज सुबह और शाम घर में कपूर जलाना बहुत शुभ माना जाता है। कपूर जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है, वातावरण शुद्ध होता है और घर में सकारात्मकता आती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार कपूर जलाने से घर में देवी-देवताओं का वास होता है और बुरी शक्तियां दूर रहती हैं। कपूर की सुगंध मन को भी शांत करती है।
4. सुबह उठकर सबसे पहले धरती माँ को प्रणाम करें।
Answer: हमारे बुजुर्ग कहते थे कि सुबह उठते ही बिस्तर से पाँव जमीन पर रखने से पहले धरती माँ को प्रणाम करो। यह आदत मन में विनम्रता और कृतज्ञता का भाव लाती है। वास्तु शास्त्र में भी कहा गया है कि जो इंसान सुबह उठकर धरती माँ को प्रणाम करता है उसके जीवन में कभी कठिनाई नहीं आती और घर में बरकत बनी रहती है।
5. घर के मुख्य दरवाजे पर रोज गंगाजल छिड़कें।
Answer: घर के मुख्य दरवाजे पर रोज थोड़ा गंगाजल छिड़कना वास्तु शास्त्र में बहुत शुभ माना जाता है। गंगाजल पवित्र होता है और इसके छिड़काव से घर में बाहर से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा अंदर नहीं आ पाती। अगर गंगाजल उपलब्ध न हो तो साफ पानी में थोड़ी हल्दी मिलाकर भी दरवाजे पर छिड़क सकते हैं। इससे घर में शुभता बनी रहती है।
6. तुलसी के पौधे की रोज सेवा करें।
Answer: घर में तुलसी का पौधा होना और उसकी रोज सेवा करना बहुत शुभ माना जाता है। तुलसी को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। रोज सुबह तुलसी को जल चढ़ाएं, शाम को दीपक जलाएं और उनकी परिक्रमा करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार जिस घर में तुलसी का पौधा हरा-भरा और स्वस्थ रहता है उस घर में कभी धन की कमी नहीं होती।
7. घर में नमक का पानी पोंछा लगाएं।
Answer: हफ्ते में एक बार घर में नमक मिले पानी से पोंछा लगाना वास्तु शास्त्र में बहुत कारगर उपाय माना जाता है। नमक का पानी घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है और घर का वातावरण साफ और हल्का हो जाता है। खासकर घर के उन कोनों में जहाँ धूप कम आती है वहाँ नमक के पानी का पोंछा जरूर लगाएं।
8. रात को सोने से पहले घर के सभी दरवाजे बंद करें।
Answer: रात को सोने से पहले घर के सभी दरवाजे और खिड़कियाँ बंद करना वास्तु शास्त्र की एक जरूरी बात है। खुले दरवाजे रात को नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने का मौका देते हैं। इसके अलावा व्यावहारिक दृष्टि से भी रात को दरवाजे बंद रखना सुरक्षा के लिए जरूरी है। बंद दरवाजे घर की बरकत और सुरक्षा दोनों बनाए रखते हैं।
9. घर के उत्तर-पूर्व कोने को हमेशा साफ और खाली रखें।
Answer: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का उत्तर-पूर्व कोना यानी ईशान कोण सबसे पवित्र और ऊर्जावान दिशा होती है। इस कोने में कभी भी भारी सामान, कूड़ा या गंदगी नहीं रखनी चाहिए। इस जगह को साफ और खाली रखें या यहाँ पूजा घर बनाएं। ईशान कोण जितना साफ और सकारात्मक होगा उतनी ही घर में खुशहाली और समृद्धि बनी रहेगी।
10. रोज सुबह घर में धूप-अगरबत्ती जलाएं।
Answer: रोज सुबह घर के हर कमरे में धूप या अगरबत्ती जलाना वास्तु शास्त्र में बहुत शुभ माना जाता है। धूप की सुगंध घर के वातावरण को शुद्ध करती है, नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाती है और मन को शांत करती है। चंदन, गुग्गुल या लोबान की धूप सबसे ज्यादा असरदार मानी जाती है। जिस घर में रोज धूप-अगरबत्ती जलती है उस घर में देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है और घर में बरकत आती है।
Disclaimer: यह लेख केवल वास्तु शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं और हमारे बुजुर्गों के अनुभव के आधार पर लिखा गया है। इसमें दी गई बातें किसी धर्म विशेष को बढ़ावा देने के लिए नहीं बल्कि सकारात्मक जीवनशैली और घरेलू अनुशासन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिखी गई हैं। इन्हें अपने विवेक से अपनाएं। लेखक या प्रकाशक किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।